16 days of activism: देश में अगर बेटियां मायूस है नासाद है।

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By Sonia, Assistant Program Officer, PRIA Sonepat देश में अगर बेटियां मायूस है नासाद है। दिल पर रखकर हाथ कहिए देश क्या आजाद हैं। देश क्या आजाद हैं। आधी सेहत, आधी शिक्षा, आधी मजदूरी मिली देश आजाद हुआ आजाद पर इनको ना आजादी मिली इनकी हालत तो अभी तक हर तरफ बर्बाद हुई दिल पर […]

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16 days of activism: कैसा है यह समाज

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By Naveen Kumar, Assistant Officer, PRIA Sonepat महिलाआंें पर हो रहें क्यों अत्याचार (हिंसा) जिसकों अपना माना वहीं कर रहे अत्याचार (हिंसा)। कैसा है यह समाज कैसा है यह समाज जिसके बलबुतें बुलंदियों पे है समाज, जिनके बिना ना बन पाती यह समाज। आज उसी के साथ कर रहें है बुरा व्यवहार। कैसा है यह […]

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16 days of activism: सदा नायाजय फायदा उठाया इसकी लाचारी का इब होना चाहिए एक बराबर नारी का

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By Amar, PRIA Sonepat सदा नायाजय फायदा उठाया इसकी लाचारी का इब होना चाहिए एक बराबर नारी का 1 किसे ने घर ते रात न काढी, किसने लादी दाब पे लगन नया दी महफील में, नमक लगा दिया घाव पै हर राहों पे -ट्राचर किया बेचारी का के, के हाल सुणाउ आज इस दुखयारी का […]

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16 days of activism: She is. Is She?

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By Neha Kapoor, Program Officer, PRIA 67 years since independence, ‘she’ is still a non entity in the political arena; if that comes across as an exaggeration and to counter the claim you want to through names like Indira Gandhi, Jayalalitha, Mayawati around, try doing so after disassociating them from their male mentors, Nehru, MGR […]

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16 days of activism: Is your safety in your hands?

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By Nupur Vij, Asst. Program Officer, PRIA Sonipat “Your safety is in your hands” said a woman politician “why do you wear revealing clothes? You have to admit that there is a certain level of attraction and then you can’t claim that the men were wrong.” This is one of the many incidents that working […]

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16 days of activism: ये कैसा है मेरा देश, मेरे देश की शान?

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By Prakash Pathak, Executive Secretary, PRIA मैं इस महान देश की एक आम हूँ नारी, पर मेरे अपने ही लोगों की नजर मुझ पर पड़ी भारी। घर के बाहर निकलते ही घूरती है गिद्ध आंखें, जिनको भीड़ में देख कर भी थम जाती है सांसें। कब ये अनहोनी हो जाये, डर से भरा है जेहन, […]

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16 days of activism: क्योंकि तुम सबला हो!

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By Syed Zakir Husain, Librarian, PRIA जब जि़क्र आता है “औरत” का जो समाज में करीबन आधी जनसंख्या में है तो ख्याल आता है माँ का, बहन का, पत्नी का, बेटी का जिनके बगैर दुनिया अधूरी है। इन सबको एक सभ्य इंसान खुश देखना चाहता है। लेकिन हकीकत कुछ और है। महिलाओं की बहुत सी […]

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16 days of activism: How can we change the mindset of people?

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Ms. Soja Saramma Mathew Accountant, PRIA “A country can only progress if women can move around freely, make independent choices. We must change mindsets to stop crimes against women,” Education is an important means that can help people develop and maintain nonviolent and respectful relationships. Boys should be educated at a young age to respect […]

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