Responsive Governance Supports Rajendrapura Colony in Ajmer

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  Rajendrapura is a closed settlement having congested spaces and is devoid of individual toilets or any community toilet. It is about 70-year-old settlement which is situated within the city centre in Ward 51 of Ajmer. There are 45 families living in this notified settlement of Ajmer Municipal Corporation.  Residents are engaged in daily wage, […]

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Community building in Talpura, Jhansi

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The narrow street averting from the main road is lined with brick houses on both sides. The stone slab covered drains and the painted pucca houses at the entry gives an impression of a residential pocket better than what is envisaged as a slum. But as we move forward, the reality starts to sink in. […]

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आठ माह से ख़राब हैंडपंप दो दिन में सुधरा एक फोन काल पर

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यह सफलता की कहानी है झांसी शहर के वार्ड पिछोर में स्थित सकिपुरा मुहल्ले की, जहाँ पर आदिवासी सहरिया समुदाय के लोग अधिसंख्य में निवास करते है | इस मुहल्ले में पीने के पानी (पेयजल) के अलावा अन्य कार्यो के लिए पानी की बड़ी समस्या रहती है| लोगों को हाइवे पार करके पानी की व्यवस्था […]

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अमृत की वर्षगांठ पर अमृत की खोज

Category: General
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अमृत योजना के एक वर्ष कब बीत गये यह पता भी न चला यदि वर्षगांठ नही मनाया जाता तो यही लगता कि अभी तो शुरुआत ही नहीं है किन्तु भला हो वर्षगांठ समारोह का जिससे समय रहते पता चल गया, नगर निगम झांसी ने अमृत के एक वर्ष पुरे होने पर 25 जून को एक […]

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Field Work – Initial Observations

Category: General
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Over the past few weeks I have been working on familiarizing myself with the European Union project titled ‘Strengthening Civil Society of the Urban Poor to Participate in Planning and Monitoring of Sanitation Services in Indian Cities’. Up until one week ago, most of my familiarizing was accomplished through reading various articles, proposals and other […]

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नई बस्ती, झाँसी, का भ्रमण अनुभव

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वाल्मिकि समाज के मुखिया रमेश करोसिया कुंठा के साथ कहते है कि, “ हम लोग समाज के सबसे पिछड़े और अछूत लोग है | युवाओ के पास रोजगार की कमी है जब कभी ठेका का काम निकलता है तो त्वरित रोजगार मिल जाता है शेष दिन में बेगारी | कुछ आक्रोशित महिलाये वर्तमान राज्य सरकार […]

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स्मार्ट सिटी राउंड 2 – मानकों पर कितने खड़े हैं शहर

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स्मार्ट सिटी के चयन हेतु द्वितिय चरण में शामिल सभी प्रतिभागी शहरों ने खूब जोर शोर से प्रचार प्रसार किया ताकि उनका चयन इस चरण में हो सके। मुजफ्फरपुर शहर भी उन्हीं में से एक शहर है। मुजफ्फरपुर शहर में भी नगर निगम, ईकोरिज कंसल्टेंसी एवं प्रिया संस्था द्वारा लोगों और संस्थाओं में जन जागरूकता […]

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सहभागी शहरी आकलन—एक अभ्यास

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सहभागी शहरी आकलन—एक अभ्यास शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता,जल निकासी व कूड़ा प्रबन्धन एक समस्या के रूप में लगभग सभी शहरों में मौजूद है और अधिकांश लोग इस समस्या से जूझ रहें हैं,नगर विकास से जुडे़ विभाग व अन्य हितभागी अपने स्तर से इस दिशा में बेहतरी के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। नगरीय स्वच्छता […]

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सूखा और पेयजल संकट

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बुंदेलखंड में पानी का संकट लगातार भयावह होता जा रहा है | जितना बड़ा संकट सिचाई का है उतना ही पेयजल का है | गाँवों में तस्वीर बिलकुल बदली हुयी है मानो लगता है कि पतझड़ के मौसम में सूखा अभी से पड़ गया है, पर्याप्त पानी के अभाव में खेतो में बुबाई  नही की […]

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केस स्टडी – कचरे के ढेर में खोया नौनिहालों का कल

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मेरा नाम क्रांति है, मैं 12 वर्ष की हूँ और पढ़ना चाहती हूँ , मेरा मन भी स्कूल जाने को करता है पर नहीं जा पाती। स्कूल चली जांऊँगी तो घर का काम कैसे चलेगा? छोटे भाई को कौन संभालेगा? और मैं कचरा बटोरने भी तो जाती हूँ उसे बेचकर कुछ पैसा मिलता है तो […]

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