Home / Feature Story

Feature Story                                

Learning Is Lifelong, and For Life


Learning -- by both individuals and institutions -- leads to change. Institutional systems, culture and processes need to foster and encourage learning of individuals. The bi-annual Learning Week at PRIA provides one such space. But equally important is the daily spaces for employees to build individual capacities and enhance their own learning through reading, observation, exposure and, most critically, to learn by doing.

We cannot learn (and change) if we do not accept what we don't know. To learn something, we have to give up what we know. The learning process creates a sense of humility, not arrogance. And what we learn to do our jobs, also has great bearing on our personal selves. At PRIA, we work with the principles of honesty, clarity, quality and empathy, which change not only the lives of others, but our own lives as well.

Naeem Khan joined PRIA in 2008. Eight years later, how has he changed while working in PRIA? From learning to work with computers, to understanding what non-governmental organisations do, how to keep accounts for small and large projects, becoming gender sensitive and, today, working in the field to collectivise young boys and girls in Jaipur to take steps to prevent violence against women, Naeem's journy has been one of internalising the principles PRIA stands for. Confident, independent, thoughtful -- Naeem's learning journey is lifelong, and for life.


प्रिया में मेरा सफर (My Journey in PRIA) by Naeem Khan
मेरा नाम नईम खान है। मुझे प्रिया में लगभग 8 साल हो गये हं। मैं प्रिया मे  1 अप्रेल 2008 में आया था। जब मैं प्रिया में आया था , तब मुझे बेसिक कम्प्यूटर आता था। प्रिया मे ही मैंने धीरे-धीरे कम्प्यूटर का ज्ञान प्राप्त किया । आज मुझे कम्प्यूटर में हार्डवेयर और साॅफ्टवेयर दोनों अच्छे से आते हैं। हिन्दी टाइपिंग भी प्रिया में ही सिखी है। जब मैं प्रिया से जुड़ा तब मुझे एन.जी.ओ. के बारे में कुछ भी नहीं पता था। धीरे-धीरे मैंने एन.जी.ओ के बारे में सीखा , कि क्या काम करती है ,कैसे करती है। 2009 में श्री कृष्ण त्यागी (सर) का स्थानांतरण प्रिया चंडीगढ़ से प्रिया जयपुर मे हुआ। सर के स्थानांतरण से पहले मैं  आॅफिस के कुछ ही काम करता था जैसे: फोटोकाॅपी , रजिस्टर आदि । सर के आने के बाद उन्होनें मेरे काम करने का तरीका और मेरे व्यवहार को देख कर मुझे और भी जिम्मेदारी दी , जैसे खातों की और प्रशासनिक जिम्मेदारीे । सर ने मुझ पर विश्वास किया और पूरे राजस्थान राज्य के लेखा और प्रशासनिक जिम्मेदारी मुझे दे दी। शुरूआत में मुझे थोड़ी परेशानी हुई लेकिन मैंने सर  की मदद से उस समस्या का हल निकाला। मुझे थोड़ा समय लगा सीखने में , लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी । मैंनेे अपनी पूरी लगन से अपना काम किया । सर की मदद से और मेरी लगन की वजह से आज मैं पूरे राजस्थान राज्य के खातों की और प्रशासनिक जि़म्मेदारी देख रहा हूँ।  इसके लिये मुझे 2013-2014 में उत्तम प्रदर्शन का पुरस्कार भी मिला। इस दिन मैं बहुत खुश हुआ था , क्यांेकि मेरे काम को सराहया गया और प्रशंसा की गई । इससे मुझे और प्ररेणा मिली, और  इसके लिए मैं प्रिया का धन्यवाद देता हूँ।

प्रिया में काम करते करते मेरा आत्मविश्वास बढ़ा और मेरे व्यवहार में परिवर्तन आया, कि लोगों से कैसे बात करनी चाहिए व कैसा व्यवहार करना चाहिए । ये सब मैंने प्रिया में आकर ही सीखा है। प्रिया में ही मैंने जेंडर के बारे में प्रशिक्षण लिया है। मैनें प्रिया में ही दो कोर्स किये है जो ‘‘ कार्यस्थल में यौन उत्पीड़न ‘‘ पर थेे । 2008 से अब तक मुझ में बहुत बदलाव आया है। वरिष्ठ अधिकारी और मेरे साथियों की सहायता से अब मैं प्रोग्राम से संबंधित गतिविधियों में भाग ले रहा हूँ। अभी मैं कदम बढ़ाते चलो प्रोग्राम , जो की महिलाओं पर हो रही हिंसा के मुद्दे पर काम करता है , से जुडा़ हू।  पिछले 6-7 महीनों से हम जयपुर के 5 वार्ड में युवाओं को साथ जोड़कर काम कर रहे हंै। हमने युवाओं के साथ मिलकर पार्टिसिपेटरी सेफ़टी आॅडिट ( पी.एस.ए. ) की है । पी.एस.ए. को हमने सब के साथ शेयर किया है (वार्ड पार्षद , समुदाय सदस्य , पुलिस थाना )। हमने युवाओं के साथ नाटक कार्यशाला भी की है। उनके साथ मिलकर हमने रोड शो  भी किया। पहली बार मैं किसी कच्ची बस्ती में गया और बच्चों व युवाओं के साथ काम किया । शुरूआत में मुझे कुछ अजीब सा लगा लेकिन बाद मे सब ठीक हो गया। बच्चे मेरे साथ बहुत अच्छे से घुल मिल गये थे। मैने भी उनसे काफी  कुछ सीखा जो आगे मेरे जीवन में काम आएगा । मुझे खुशी है कि मैं प्रिया में काम कर रहा हूँ।    



Photograph: Anne Davis 773, Flickr, https://www.flickr.com/photos/anned/8700093610/in/photolist-efNfHY-7weXGA-8fNZYX, under Creative Commons license non-commercial 2.0

Feature Story