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आज़ादी का 70 वाँ ऐतिहासिक वर्ष


दिनांक 15 अगस्त 2016... 

यह तारीख इन लोगो के लिए शायद कभी न भूलने वाली तारीख़ बन गई द्य इन बस्ती के लोगो के लिए ये पल इनके जिंदगी में पहली बार आये द्य 69 वर्षों बाद 70 वाँ स्वतंत्रता दिवस वो अपनी बस्ती में इतने धूमधाम से मनायेगे इसका उनको अंदाज़ा ही नहीं था द्य प्रिया संस्था के द्वारा तालपुरा वार्ड नंबरण् 12 बस्ती जहाँ वंशकारए कोरीए मुस्लिम और ठाकुर आदि समाज के लोग निवास करते है जिनमे से कुछ लोग हमारी बस्ती विकास समिति में शामिल है सभी ने मिलकर स्वतंत्रता दिवस बहुत ही धूम. धाम से मनाया द्य जब उन्हें मालूम हुआ कि इस बार उनकी बस्ती में भी स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है तो उन्होंने अपने घर को और अपने मोहल्ले को दुल्हन की तरह सजाने . संवारने में जुट गये द्य उन्होंने अपनी पूरी बस्ती की झाड़ू स्वयं लगाई और बुन्देलखंडी परंपरा है कि जब कोई खास त्यौहारए पूजन या शादी दृ ब्याह होता है तो अपने घर के दरवाजे को गाये के गोवर से और चूने से लीपा जाता है ;जिसे उरैन कहते हैंद्ध स्वतंत्रता दिवस पर बस्ती की हर महिला ने अपने घर को लीपा जब मैंने वही रहने वाली गायत्री जी से पूछा किए श् आप अपने दरवाजे को क्यों लीप रही हैघ् तो उन्होंने कहाएश् आज 70 साल में हम बस्ती में जौ त्यौहार माना रये तो ऐसो कैसे हो सकत के हम लोग अपने घरन की सफ़ाई और लिपाई.पुताई न करें द्य इसी क्रम में जब हमने बस्ती की सबसे वृद्द महिला श्रीमती भगवती जी से जब जानना चाहा किए श् अम्मा जी कैसा लग रहा है आज आपको एश् तो उनका जवाब था एश् बेटा इतेक सालें निकल गईं अबे तक हमने 15 अगस्त अपने मोहल्ला में नई मनाओ तो मोड़ी. मौड़ा ; लड़के. लड़कियां द्ध स्कूल जात्तते सो बतात ते के झंडा फेहरे लेकिन इतेक बुढ़ापे में आज अपनी आंखन से देख भी लओए वन्दे मातरम भारत माता की जय आज सुनो हमने अपने कानन से द्य बस्ती विकास समिति के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र जी ने कहा किए श् हमें बहुत अच्छा लग रहा है प्रिया संस्था द्वारा हमारी बस्ती में यह नए काम की शुरुवात हुई है और हम इस परंपरा को बनाये रखेगे और हर त्यौहार की तरह राष्ट्रीय पर्व भी धूम.धाम से मनायेगे आज हमने एक शपथ और ली है कि हम अपनी बस्ती को साफ़ सुथरा रखेगेए और अपने बच्चों की पढाई पर भी ध्यान देगें द्य बस्ती के लोगों ने स्वतंत्रता दिवस इतने उल्लाहस के साथ मनाया के यह सिलसिला आधी रात तक नहीं थमा और रात को 10रू35 पर बस्ती के लोगो ने मुझे फ़ोन किया उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था उन्होंने कहाए श् मैडम जी आप जो ख़ुशी की लहर हमारी बस्ती में दौड़ा के गई है वो अभी तक थमा नहीं है और हम सभी बस्ती वाले अभी भी इस पर्व को मना रहे हैं आपका बहुत. बहुत धन्यवाद द्यश्

 

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